धुरंधर पार्ट 2 रिव्यू: एक जेनरेशनल एक्सपीरियंस जो हिंदी सिनेमा का स्टैंडर्ड बदल देगा!

धुरंधर पार्ट 2 रिव्यू: एक जेनरेशनल एक्सपीरियंस जो हिंदी सिनेमा का स्टैंडर्ड बदल देगा!

तो बधाई हो, गुरु! मैंने 'धुरंधर पार्ट टू' देख ली है। आदित्य धर सर, आप बताइए आपको क्या चाहिए? मैं पर्सनली जुगाड़ कर देता हूं। आपको मेरी शक्ल देखकर ही पता चल गया होगा कि मुझे फिल्म कितनी पसंद आई।

सच कहूं तो इस बात का अंदाजा किसी को नहीं था। हां, सबको पता था कि फिल्म अच्छी होगी, लेकिन इतनी कमाल की निकलेगी, इसका कोई अंदाजा नहीं था। फिल्म में एक डायलॉग है— "पाकिस्तान का मुस्तकबिल अब हिंदुस्तान तय करेगा।" मैं कहता हूं कि अब हिंदी सिनेमा का मुस्तकबिल धुरंधर तय करेगा।

यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक जेनरेशनल टाइप एक्सपीरियंस थी। अब इस फिल्म को आग लगाने से कोई रोक नहीं सकता। अगर आप 'रामायण' से होने वाली उम्मीदों को छोड़ दें, तो इस साल की 4 घंटे की बिहमत एक्सपीरियंस को टॉप करने वाली कोई फिल्म नहीं है। ना इस साल, ना आने वाले सालों में। अब यह मूवी एक स्टैंडर्ड बन चुकी है। सवाल यह है कि क्या कोई 'धुरंधर' को टॉप कर पाएगा? एक्शन, स्पाई थ्रिलर, राइटिंग, एस्थेटिक्स और टैक्टिकल एक्शन के मामले में यह फिल्म शिखर पर है।

CBFC को बड़े होने की जरूरत है

आगे बढ़ने से पहले मैं CBFC (सेंसर बोर्ड) को कहना चाहूंगा कि भाई, आप लोग बड़े हो जाओ। गालियों और वायलेंस को लेकर आपका अटपटा हिसाब समझ में नहीं आता। मुझे नहीं पता आप किस दशक में जी रहे हो, लेकिन आपको समझना होगा। फिल्म की शुरुआत में जो ग्रिटी और रियल गालियां सुनने को मिली हैं, वे फिल्म को और प्रभावशाली बनाती हैं। मेरी आंखें चांधिया गई थीं, लेकिन वो डायलॉग्स इतने रियल थे!

रणवीर सिंह: एक अनस्टॉपेबल फोर्स

रणवीर सिंह भाई, आपका मुस्तकबिल अब बदल चुका है। मैंने, और जमाने ने आपको गलत समझा। अगर कोई भूल-चूक हुई हो, तो माफी मांगता हूं। यह बंदा फिल्म में 'मूव्स लाइक अ टैंक'। वो इतना फेरोशियस, टैक्टिकल और ईमानदार परफॉर्मेंस देता है कि दंग रह जाओ। भले ही उसकी कुछ हरकतें पहले सवालों के घेरे में रही हों, लेकिन अगर वो इतनी अच्छी एक्टिंग कर सकता है, तो मैं उसके काम को गलत नहीं ठहरा सकता। यह आदमी दर्शकों के प्यार का हकदार है।

फिल्म में मिड और पोस्ट-क्रेडिट सीन दोनों हैं। भविष्य को लेकर ज्यादा उम्मीदें न रखें, लेकिन उन्हें मिस जरूर मत करना, इससे आपको पता चलेगा कि निर्माताओं ने कहानी को कितनी गहराई से सोचा है।

आदित्य धर का ऑनेस्ट विजन

आदित्य धर इस बार 'सेफ प्ले' नहीं खेल रहे। वो आउट-एंड-आउट अपने विचारों को मुंह पर बोल देते हैं। कुछ लोगों को कुछ पॉलिटिकल टेक्स से डिटचमेंट जरूर महसूस हो सकता है, लेकिन उस बंदे के इंटेंडेड विजन को समझना होगा। उन्होंने जो दिखाया है, वो बिना फिल्टर के है।

हां, आखिर में वो थोड़े सा इमोशनल हो जाते हैं, जैसे खाने में नमक थोड़ा ज्यादा हो गया हो, लेकिन उसका भी अपना एक स्वाद है जिसे मैंने बहुत एन्जॉय किया। आज के जमाने में जहां सब 'सेफ' खेलना चाहते हैं, वहां आदित्य धर की ईमानदारी और उसका 'ऑनेस्ट' होना प्रेरणादायक है।

कुछ बातें जो दिल को छू गईं

फिल्म का मेरा फेवरिट पार्ट शुरू में जसकीरत के घर का 'मसाकर' वाला सीक्वेंस था। वो इतना इंटेंस और एंग्री था कि... लेजेंडरी! फिल्म सिर्फ देशभक्ति नहीं सिखाती, बल्कि यह भी बताती है कि 'मर्द जात' का जन्म लड़ने के लिए होता है—चाहे वो परिवार के लिए हो, बीवी-बच्चों के लिए हो, या फिर अपने सपनों के लिए। यह लड़ाई आपके जीवन को मतलब देती है और अगले दिन सुबह उठने की हिम्मत देती है।

विलेन और टेक्निकल पहलू

जहां तक सवाल है विलेन का, अर्जुन रामपाल (मेजर इकबाल) ने रणवीर के साथ टू-टू मैच किया है। एक ग्रेट हीरो को ग्रेट बनाने के लिए ग्रेट विलेन चाहिए, और अर्जुन रामपाल ने उसे पूरा न्याय दिया।

तकनीकी तौर पर, फिल्म में कुछ छोटी-मोटी कमियां हो सकती हैं—जैसे साउंड या कुछ विजुअल्स—लेकिन वो एडिटिंग में जल्द ही ठीक हो जाएंगे, जैसे पार्ट वन के साथ हुआ था। IMAX में देखने का अनुभव शानदार था, भले ही वो पूरी तरह ऑप्टिमाइज न हो।

अंतिम फैसला

यह मूवी कन्वेंशनल नहीं है और शायद सबको पसंद न आए, क्योंकि हर किसी की अपनी पॉलिटिकल आइडेंटिटी है। लेकिन एक बार जरूर समझने की कोशिश करें कि निर्माता इतने ऑनेस्ट क्यों हो पा रहे हैं। यह फिल्म आपको सिखाती है कि अपने काम के प्रति कितनी जिज्ञासा और ईमानदारी रखनी चाहिए।

धुरंधर इज द स्टैंडर्ड नाउ। यह सिर्फ एक फिल्म नहीं है, यह एक कल्चरल इवेंट है। अगर आपने फिल्म देख ली है, तो अपनी राय जरूर बताएं। अगली बार स्पॉइलर रिव्यू में गहराई से बात करते हैं। तब तक के लिए, देखते रहिए!

Jayden Alex

I’m Jayden Alex, a 21-year-old from India. I started this blog to share honest reviews and updates about movies, anime, OTT series, along with technology and mobile apps.

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